Himachal
गंगकर रिम्पोच्छे आखिर पुलिस के हत्थे चढ़ ही गया
- Saturday, 16 June 2012
- India Vision 24

शिमला, (इंडिया विजन) : पिछले तीन-चार दिन से पुलिस को चकमा दे रहा बो गंगकर रिम्पोच्छे आखिर पुलिस के हत्थे चढ़ ही गया। दिल्ली की महिपालपुर पुलिस ने उसे गत रात डेढ़ बजे के करीब उसके एक अन्य साथी के साथ गुडग़ांव के एक आलीशान होटल से पकड़ा। उसके पास से करीब पांच लाख रुपये, दो मोबाइल फोन एक लैपटॉप और एक आईपैड भी बरामद हुआ है। गंगकर रिम्पोच्छे को दिल्ली पुलिस ने बाद में हिमाचल से दिल्ली गए पुलिस दल के हवाले कर दिया। दोपहर बाद यह दल उसे लेकर मण्डी जिले के चौंतड़ा पहुंच गया जहां उससे पूछताछ की जा रही है। चौंतड़ा में बनाए गए अपने महलनुमा घर से पकड़े गए आठ ताईवानी नागरिकों और लाखों रुपये की करंसी की वजह से पुलिस का निशाना बने गंगकर रिम्पोच्छे का पकड़ा जाना हिमाचल पुलिस की एक बड़ी कामयाबी माना जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार गंगकर रिम्पोच्छे के मोबाइल से पुलिस को पैसों के लेन-देन से सम्बंधित और भी महत्वपूर्ण जानकारी मिली है। उसके आई-फोन में पुलिस को एक ऐसा मैसेज मिला है जिसमें उसकी बहन को 25 लाख रुपये और एक अन्य व्यक्ति को 28 लाख रुपये दिए जाने की बात कही गई है। इसके अलावा एक अन्य एसएमएस में एक करोड़ दस लाख रुपये का लेनदेन अमेरिकी डॉलर में किए जाने का भी खुलासा हुआ है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि यह सारा पैसा आखिर किस मकसद से इधर-उधर किया गया है।
अपने दो-दो पासपोर्टों की वजह से दिल्ली में मुकदमे का सामना कर रहे बो गंगकर रिम्पोच्छे ने आज फिर पकड़े जाने के बाद पुलिस को अपनी पहचान के बारे में गुमराह करने की नाकाम कोशिश की। सूत्रों के अनुसार पुलिस को उसने अपना नाम करमा लोबसंग भूतिया बताया। पता पूछने पर कहा कि वह सिक्किम में गंगटोक के चांदमारी जिला ईस्ट में जेएन रोड पर 53 नम्बर घर में रहता है। उसने अपने पिता का नाम तासी नोरबू भूतिया बताया। पुलिस ने जब इस बारे में जांच पड़ताल की तो पाया कि इस नाम और पते वाला व्यक्ति सिक्किम में टैक्सी चलाता है।
बो गंगकर द्वारा गलत पता बताये जाने से पुलिस का उस पर शक और बढ़ गया है। बताया जाता है कि पूछताछ के दौरान उसने कांगड़ा जिले के बैजनाथ क्षेत्र के अप्पर भट्टू के सर्बलिंग में भी अपना घर होने की बात कही। गंगकर के साथ जो दूसरा व्यक्ति पकड़ा गया है वह किन्नौर जिले के मुगल चांगो तहसील हंगरंग का रहने वाला है। इस व्यक्ति की पहचान नवरंग नामगिया पुत्र रामलाल नेगी के तौर पर की गई है। इसके पास से भी पुलिस को तीन मोबाइल एक लैपटॉप और एक आईपैड मिला है। दोनों के पास मिला सारा सामान बेशकीमती है।
सूत्रों के अनुसार पुलिस अब दोनों के पास से मिले मोबाइल फोन और लैपटॉप में भरी जानकारियों का हासिल करने की कोशिश में है। पुलिस को उम्मीद है कि इनसे उसे कोई न कोई ऐसी जानकारी जरूर मिलेगी जिससे उसकी गतिविधियों का पता चल सकेगा। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि दिल्ली में बो गंगकर किस-किस के सम्पर्क में था। सूत्रों का कहना है कि जिस होटल में गंगकर ठहरा हुआ था उसकी सीसी टीवी फुटेज को भी देखा जा रहा है। आरम्भिक तौर पर सीसी टीवी में गंगकर से मिलने आए तीन लड़कों की तस्वीरें दिखाई दी हैं। इनमें से एक लड़के के बैग में करंसी नोट होने का शक भी तस्वीरों को देख कर हो रहा है। सीसी टीवी में गंगकर से मिलने आई उसकी बहन और जीजा की तस्वीरें भी दिखाई दे रही हैं।
सात चीनी नागरिक भी गिरफ्तार, मंडी पुलिस की जोरदार दबिश
- Wednesday, 13 June 2012
- India Vision 24

विदेश सचिव रंजन मथाई धर्मशाला में
- Friday, 08 June 2012
- India Vision 24

शिमला, (इंडिया विजन) : तिब्बतियों के धर्मगुरु दलाई लामा की सुरक्षा व्यवस्था और तिब्बत से जुड़े सामयिक विषयों पर निर्वासित तिब्बत सरकार के साथ बातचीत करने के लिए आज विदेश सचिव रंजन मथाई धर्मशाला पहुंच गए। दिल्ली से सीधे धर्मशाला आए विदेश सचिव ने शाम तीन बजे के करीब पहले दलाई लामा के साथ बातचीत की और उसके बाद वह निर्वासित तिब्बत सरकार के प्रतिनिधियों से मिले। सूत्रों के अनुसार दोनों पक्षों के बीच कई अहम मुद्दों पर बातचीत हुई।
सूत्रों का कहना है कि विदेश सचिव और दलाई लामा के बीच कई मुद्दों पर सार्थक बातचीत हुई है। निर्वासित तिब्बत सरकार के साथ भी विदेश सचिव ने कई द्विपक्षीय मसलों को लेकर विचार-विमर्श किया। तिब्बत के संबंध में भारत की राजनयिक नीति को लेकर भी दोनों पक्षों के बीच बातचीत होने की खबर है। चीन के साथ भारत के रिश्तों के खिंचाव भरे मौजूदा दौर में आज की इस बातचीत को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार विदेश सचिव ने निर्वासित तिब्बत सरकार को बताया कि महामहिम दलाई लामा की सुरक्षा व्यवस्था में कहीं कोई थोड़ी सी भी चूक न हो, इसके लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गए हैं। यहां यह जानना भी जरूरी है कि दलाई लामा ने गत 14 मई को सेंटपॉल कैथेड्रल में टेम्पलेटन पुरस्कार ग्रहण करने के बाद यह बयान देकर सनसनी फैला दी थी कि चीन ने उनकी हत्या की साजिश रचते हुए विषकन्याओं को तैयार किया है। दलाई लामा ने कहा था कि ये विषकन्याएं आशीर्वाद लेने के बहाने उनके नजदीक आकर उन पर जहरीले रसायनों से हमला बोल सकती हैं। उनका कहना था कि हमारे पास ऐसी सूचनाएं हैं कि चीनी एजेंटों ने कई नकली महिला भक्तों को मुझे जहर देकर मारने का प्रशिक्षण दिया है। उन्हें तिब्बत से सूचना मिली है कि इन महिलाओं को बालों और स्कार्फ में जहर भरकर हमला बोलने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। हालांकि चीन ने इन खबरों का खंडन किया था, लेकिन दलाई लामा के इस बयान को गंभीरत से लेते हुए भारत सरकार के साथ-साथ हिमाचल सरकार ने भी इसके बाद उनकी सुरक्षा बढ़ा दी थी। अब जबकि विदेश सचिव खुद धर्मशाला आए हैं तो माना जा रहा है कि तिब्बतियों के सबसे महत्वपूर्ण धर्मगुरु माने जाने वाले दलाई लामा की सुरक्षा से जुड़े सभी महत्वपूर्ण पहलुओं की फिर से समीक्षा हो सकती है।
जम्मू-कश्मीर के मुख्य सतर्कता आयुक्त कुलदीप खोड़ा
- Wednesday, 30 May 2012
- India Vision 24

जम्मू, (इंडिया विजन) : जम्मू-कश्मीर के निवर्तमान पुलिस महानिदेशक कुलदीप खोडा के नाम की यद्यपि एक समिति द्वारा सोमवार को मुख्य सतर्कता आयुक्त के लिए सिफारिश की गयी है, लेकिन सरकार ने उनके नाम पर फैसला छह माह पहले ही कर लिया था। चयन समिति की सोमवार को श्रीनगर में हुई बैठक में प्रतिपक्ष की नेता महबूबा मुफ्ती ने खोडा के नाम पर गंभीर आपत्तियां जताते हुए बैठक से वाकआउट कर दिया था। उन्होंने इस मुद्दे पर अपनी असहमति भी दर्ज करा दी थी। कल इसी मुद्दे पर कानून व संसदीय कार्यमंत्री अलीमोहम्मद सागर तथा महबूबा ने अलग-अलग संवाददाता सम्मेलन कर इस संबंधी अपनी स्थिति स्पष्ट की। जहां सागर ने कहा कि मुख्य सतर्कता आयुक्त तथा दो सतर्कता आयुक्तों की नियुक्ति की सिफारिश करने के लिए मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बैठक बुलाकर सहमति बनाने का प्रयास किया था, लेकिन ऐसा हो नहीं पाया।
उन्होंने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया। जबकि महबूबा ने पत्रकारों को कहा कि उक्त नियुक्तियां भ्रष्टïचार से लडऩे के मद्देनजर काफी महत्वपूर्ण हैं। इसलिए इस प्रक्रिया को सेवानिवृत्त लोगों को पुनर्वास के लिए उन्हें पद देने से अधिक महत्वपूर्ण होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इससे तो मुख्य सतर्कता आयोग का पद भ्रष्टïचार व अपराधों पर लीपापोती करने वाली एक संस्था जैसा नजर आयेगा।
पहली बार खीर भवानी मेले में मुसलमान भाई-बहनों के साथ मिलकर हिस्सा लिया
- Wednesday, 30 May 2012
- India Vision 24

देश के विभिन्न भागों से आए कश्मीरी पंडितों ने हिन्दू धर्म की देवी रागन्या से जुड़े वाॢषक खीर भवानी मेले में बढ़चढ़कर हिस्सा लिया। मुसलमानों ने भी अपने हिन्दू, भाइयों को पूजा के लिए जरुरी दूध-फूल एवं अन्य सामग्रियां बढ़चढ़कर उपलब्ध करायीं। जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल एन. एन. वोहरा, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, केन्द्रीय मंत्रियों, विपक्षी पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी, माक्र्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी तथा अन्य ने सभी को विशेषकर कश्मीरी पंडितों को इस अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएं दीं। हुर्रियत कांफ्रेंस से अलग हुए धड़े ने आज आहूत बंद को मेले के मद्देनजर कल के लिए स्थगित कर दिया।
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