संयुक्त सचिव की जेल जांच का मामला पहुंचा राष्ट्रपति के दरबार
- Tuesday, 03 July 2012
- Written by India Vision 24
करनाल, (इंडिया विजन) : करनाल जेल में एक कैदी के वकील द्वारा पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में कैदियों को खाने-पीने के सामान को लेकर दायर की गई याचिका के मामले में उच्च न्यायालय द्वारा दी गई जांच के आदेश के बाद प्रदेश सरकार के संयुक्त सचिव द्वारा जेल मामले की गई जांच का मामला अब राष्ट्रपति के दरबार में पहुंच गया है। यह मामला इसलिए भी रोचक बना है कि क्योंकि जिस जिले की जेल की जांच का मामला संयुक्त सचिव को सौंपा गया था। उस जिले में उनकी खुद की पत्नी बतौर डी.सी तैनात थी। इस जांच के आदेश उच्च न्यायालय द्वारा दिए गए थे। जानकारी के मुताबिक राज नामक व्यक्ति ने बीते दिनों उच्च न्यायालय में करनाल की जेल में खाने-पीने की वस्तुओं व अन्य अनियमितताएं को लेकर एक शिकायत की थी। उच्च न्यायालय ने शिकायत सुनने के बाद हरियाणा सरकार को उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए थे। बाद में सरकार ने इसकी जांच का जिम्मा संयुक्त सचिव प्रदीप कासनी को सौंप दिया था। यह मामला करनाल जेल की जांच से जुड़ा था। जिस समय यह जांच सौंपी गई तो उस समय संयुक्त सचिव की पत्नी बतौर करनाल में डी.सी के पद पर तैनात थी। डी.सी खुद कई बार जेल का निरीक्षण कर चुकी है। लेकिन जो जांच सचिव को सौंपी गई। उसमें जेल प्रशासन को क्लीन चिट देने की बात की गई है। लेकिन रूलिया राम नामक व्यक्ति ने अब इसकी शिकायत राष्ट्रपति को भेजी है। राष्ट्रपति के साथ-साथ उच्चतम न्यायालय तथा मानवाधिकार आयोग को भी यह शिकायत भेजी गई है। रूलिया राम ने शिकायत में कहा है कि संयुक्त सचिव ने अपनी पत्नी के जिले को साफ सुथरा बताने के लिए मिली भगत कर ली। जांच में संविधान की जमकर धज्जियां उड़ाई गई है और सीधे-सीधे उच्च न्यायाल के आदेशों को भी ठेंगा दिखाया गया है।











