25 May 2013
नवभारत के निर्माता थे श्यामा प्रसाद मुखर्जी : स्वामी
- Saturday, 23 June 2012
- Written by India Vision 24
करनाल, (इंडिया विजन) : भारत माता के जिन सपूतों ने माँ के चरणों पर अपने प्राणों तक न्यौछावर करके भारतवासियों को प्रेरित और अनुप्राणित किया उनमें अमर हुतात्मा डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का नाम अत्यंत आदर और प्रमुखता से लिया जाता है। श्यामा प्रसाद मुखर्जी शिक्षाविद, महान चिंतक, प्रखर राष्ट्रवादी व कट्टर देशभक्त थे। यह विचार पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री आई.डी. स्वामी ने श्यामा प्रसाद मुखर्जी के शहीदी दिवस पर आयोजित श्रद्धांजलि समारोह में व्यक्त किये। अखिल भारतीय प्रतिमा रक्षा स मान समिति की ओर से शनिवार को स्वतंत्रता सेनानी स मान संग्रहालय में स्वतंत्रता सेनानी पंडित श्यामा प्रसाद मुखर्जी के 59वें शहीदी दिवस पर श्रद्धांजलि समारोह का आयोजन किया गया। श्रद्धांजलि समारोह में पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री आई.डी. स्वामी मुख्य अतिथि तथा पूर्व उद्योगमंत्री शशीपाल मैहता विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे। श्रद्धांजलि समारोह की अध्यक्षता वरिष्ठ समाजसेवी जगमोहन आनन्द ने की। श्रद्धांजलि समारोह के आरंभ में उपस्थित अतिथियों तथा समिति के सदस्यों ने समिति के राष्ट्रीय चेयरमैन नरेन्द्र सिंह अरोड़ा के नेतृत्व में श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्र पर पुष्पमाला अर्पित की।
श्रद्धांजलि समारोह को संबोधित करते हुए आई.डी. स्वामी ने कहा कि डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी नव भारत के निर्माताओं में से एक महत्वपूर्ण स्तंभ थे। मुखर्जी सच्चे अर्थों में मानवता के उपासक और सिद्धांतवादी थे। उन्होंने समिति के राष्ट्रभक्ति कार्यो की सराहना भी की।
इस अवसर पर शशीपाल मैहता ने कहा कि भारतीय इतिहास में श्यामा प्रसाद मुखर्जी की छवि एक कर्मठ और जुझारू व्यक्तित्व वाले ऐसे इंसान की है जो अपनी मृत्यु के इतने वर्षों के बावजूद भी अनेक भारतवासियों के आदर्श ओर पथ प्रदर्शक हैं।
इस अवसर पर जगमोहन आनन्द ने कहा कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने भारत देश की एकता और अखण्डता के लिए अपने प्राणों की आहूति दी। उन्होंने कहा कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी इस धारणा के प्रबल समर्थक थे कि सांस्कृतिक दृष्टि से हम सब एक हैं इसलिए धर्म के आधार पर किसी भी तरह के विभाजन के वे स त खिलाफ थे।
इस अवसर पर मु य रूप से समिति के संरक्षक प्रो. कृष्ण अरोड़ा, महासचिव महेश शर्मा, लाला लाजपतराय रेजीमेंट के चेयरमैन प्राणनाथ गोयल, अध्यक्ष ओ.पी. सचदेवा, महासचिव ओ.पी. मदान, प्रदेश अध्यक्ष रामकुमार साल्यान, एडवोकेट वेदपाल, शमशेर सिंह नैन, अशोक भण्डारी, वाइस चेयरमैन वजीर चंद मैहता, नरसिंह का बोज, डा. जे.आर.पी. अरोड़ा, रेहतू लाल सैनी, कंवर सपट्टर सिंह, गोपाल रावत, धीरज रावत, चौथमल शर्मा, बिहारी लाल सहगल, श्याम सुन्दर मदान, आत्मा सिंह, विनोद जैन, अजय शर्मा, अमित कुमार उपस्थित थे।












