मौजूदा विधायकों और पूर्व मंत्रियों के टिकट पक्के नहीं हैं : चौटाला
- Thursday, 03 May 2012
- Written by India Vision 24
पलवल (इंडिया विसन) : इनेलो सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला ने पलवल और नूंह में आयोजित दो कार्यकर्ता सम्मेलनों में एक ओर सरकार पर निशाना साधा तो दूसरी ओर अपनी पार्टी के वर्करों को उत्साहित करने के लिये कांग्रेस सरकार का सूपड़ा साफ करने के लिये अभी से जी-जान से जुट जाने का आह्वान किया। कांग्रेस पर दोगली नीति अपनाने का आरोप लगाते हुए पलवल में उन्होंने कहा कि जहां एक तरफ कांग्रेस सरकार बहुराष्ट्रीय कंपनियों को न्यौता देकर खुला व्यापार करने की छूट दे रही है वहीं दूसरी ओर किसानों को अपने ही देश में उसकी मनमर्जी से फसल बेचने से वंचित किया जा रहा है। उन्होंने यूपी के किसानों को हरियाणा में फसल बेचने पर सरकार द्वारा रोक लगाने के फैसले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि प्रदेश की हुड्डा सरकार ने अपनी नालायकी छुपाने व अपने चेहतों को लाभ पहुंचाने के लिये यूपी के किसानों का गेंहू हरियाणा की मंडी में बेचने पर रोक लगाकर दुर्भाग्यपूर्ण कार्य किया है।
उधर, इनेलो सुप्रीमो ने नूंह में पत्रकारों से बातचीत में अगले चुनावों में जीत सकने की क्षमता रखने वाले उम्मीदवारों को ही पार्टी का टिकट देने का ऐलान किया और कहा कि मौजूदा विधायकों और पूर्व मंत्रियों के टिकट पक्के नहीं हैं। टिकट किसी की बपौती नहीं जिस पर किसी का दादालाही अधिकार हो। टिकट जांच-परख कर और कार्यकर्ताओं से सलाह-मशविरे के बाद ही दिये जाएंगे। ये विचार चौटाला ने मेवात जिला के मुख्यालय नूंह में जिला स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन के बाद पत्रकारों से बातचीत में व्यक्त किये। चौटाला ने कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि पद और टिकट का लालच छोड़ कर कार्यकर्ता कांग्रेस का सूपड़ा साफ करने में जुट जायें। उन्होंने कहा कि जात-पात, गौत्रपाल को छोड़कर आगे बढ़ें और सरकार बनाने के लिये अभी से जुट जायें। राज बन गया तो कार्यकर्ताओं को इज्जत देना मेरा काम है।
उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता किसी पार्टी की रीढ़ होते है। आज सभी पाटियां इनेलो के संगठन की तारीफ करती हैं। उनका संगठन सभी पार्टियों से मजबूत है। चुनाव के समय ये संगठन बिखर क्यों जाता हैं, के जवाब में उन्होंने कहा उनका संगठन कभी नहीं बिखरा बल्कि कुछ अवसरवादी टिकट न मिलने पर भाग जाते है। चौटाला ने कहा कि आज कांग्रेस के कुशासन से जनता तंग आ चुकी है। किसान मजदूर, व्यापारी सभी वर्ग इससे परेशान हैं।
श्री चौटाला ने पलवल की पंजाबी धर्मशाला में आयोजित इनेलो कार्यकर्ता सम्मेलन में कांग्रेस पर दोगली नीति अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि जहां एक तरफ कांग्रेस सरकार बहुराष्ट्रीय कंपनियों को स्वयं न्यौता देकर देश व प्रदेश में खुला व्यापार करने की छूट दे रही है वहीं दूसरी ओर किसानों को अपने ही देश में उसकी मनमर्जी से फसल बेचने से वंचित किया जा रहा है। उन्होंने यूपी के किसानों को हरियाणा में फसल बेचने पर सरकार द्वारा रोक लगाने के फैसले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि प्रदेश की हुड्डा सरकार ने अपनी नालायकी छुपाने व अपने चेहतों को लाभ पहुंचाने की गर्ज से यूपी के किसानों का गेंहू हरियाणा की मंडी में बेचने पर रोक लगाकर दुर्भाग्यपूर्ण कार्य किया है। जिसका खमियाजा देर-सबेर हरियाणा के किसानों को भी उठाना पड़ेगा। उन्होंने स्पष्ट किया की किसान अपनी फसल को देश के किसी भी हिस्से में अपनी मनमर्जी से बेच सकता है। लेकिन अब हुड्डा सरकार ने यूपी के किसानों का गेंहू हरियाणा की मंडी में बेचने पर रोक लगा कर एक नये विवाद को जन्म दे दिया। जिसका विपरीत असर पूरे देश के किसानो के हितों पर पड़ेगा। इस अवसर पर उनके साथ पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष अशोक अरोड़ा, पूर्व डिप्टी स्पीकर एवं दक्षिणी हरियाणा के वरिष्ठ इनेलो नेता चौधरी गोपीचंद गहलौत, विधायक विधायक जगदीश नायर, सुभाष चौधरी व मौहम्मद इलियास, लोकसभा क्षेत्र के नेता चौधरी यशपाल नागर, पूर्व मंत्री सुभाष कत्याल, प्रदेश सचिव महेंद्र चौहान, युवा प्रदेश सचिव महावीर चौहान, जिलाध्यक्ष तुहीराम भारद्वाज, शूगरमिल के डायरेक्टर सुखराम डागर, कबड्डी संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष चौधरी केसर डागर, पलवल के हल्का अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह, हथीन के अध्यक्ष केहर सिंह, होडल के अध्यक्ष चंदन सिंह, चिकित्सा प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष डा. कर्नल राजेंद्र रावत, पलवल की महिला जिलाध्यक्ष अनीता भारद्वाज व फरीदाबाद की जिलाध्यक्ष शशि बाला तेवतिया, संजय डागर, कर्मचारी प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष बाबू गोपाल कुंडू, सैनिक प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष सुखबीर फौजी, बच्चू सिंह तेवतिया, पूर्व पार्षद महेन्द्र भडाना, संजय मग्गू, जीतू दीघौट, मुकेश राणा, बीरेन्द्र शर्मा बीरू, लाल प्रकाश गोयल आदि मुख्य रूप से उपस्थित थे।
इस अवसर पर पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष अशोक अरोड़ा ने बोलते हुए कहा कि सूबे का मुख्यमंत्री अपने आप को किसानों का सबसे बड़ा हितैषी होने का दावा करता है लेकिन किसानों की समस्याओं से हुड्डा व कांग्रेस पार्टी का कोई लेना देना नहीं है। हकीकत यह है कि कांग्रेस भूमाफिया और पुंजीपतियों की पार्टी है जो प्रदेश को दोनों हाथों से लूटने में लगी है।












