2012-08-11 16:38:15
फिज़ा व गीतिका मामले की हो निष्पक्ष
जांच : चौटाला
करनाल/इंद्री, (इंडिया विजन) : इनेलो प्रमुख औमप्रकाश चौटाला ने मांग की है कि फिज़ा व गीतिका की मौत के मामले की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच करवाई जाये क्योंकि जिस तरह से गीतिका शर्मा मौत के मामले में पूर्व गृह राज्य मंत्री गोपाल कांडा की संलिप्ता सामने आई है ठीक उसी तरह से फिज़ा की मौत के मामले में भी बहुत से सफेद पोश चेहरे बेनकाब होगें। यह बात इनेलो प्रमुख औमप्रकाश चौटाला ने इन्द्री में आयोजित परिवर्तन रैली के दौरान कही। इस अवसर पर उनके साथ विधायक डा. अशोक कश्यप , विधायक नरेंद्र सांगवान, जिला प्रधान यशबीर राणा, नक्षत्र सिंह मल्हान, पूर्व विधायक लक्ष्मण कंबोज, सुमेर कंबोज, मैमन हैदर, इंद्रजीत गोल्ड़ी, जयप्रकाश कंबोज, प्रदीप कंबोज, पिंटू सैनी, जिला प्रवक्ता हरपाल रोड़, वेद नागपाल, सतीश पोसवाल, मंदन मुंजाल, शिव बजाज, हजूर सिंह चकदा, सुरेंद्र सिंह संधू, मदन मोहन चौधरी, रमेश मिड्डा, जसपाल गोल्डी, ओम प्रकाश सलूजा, ज्ञान चंद चावला, गुरदेव रम्बा, गुरदीप व्डैच आदि मुख्यरूप से उपस्थित थे। इस अवसर पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि गीतिका शर्मा की तरह ही फिजा की मौत का रहस्य सामने आना इसलिये भी जरूरी है कि चूंकि फि ज़ा का संबध प्रदेश के राजनैतिक घराने के साथ तो रह ही चुका है अब वह स्वयं की भी एक राजनैतिक पार्टी बनाने का ऐलान कर चुकी थी। ऐसे में संदिग्ध परिस्थितियों में फिज़ा का शव मिलना अनेक सवालों को जन्म दे रहा है। साथ ही यह मामला प्रदेश की मां-बहनों की अस्मत व सुरक्षा से भी जुड़ा है। ऐसे में मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है। इस अवसर पर उन्होंने गीतिका शर्मा आत्महत्या मामले में बोलते हुए कहा कि इस मामले का मुख्य आरोपी गोपाल कांडा आरंभ से अपराधिक प्रवृति का आदमी रहा है। विधान सभा चुनाव के नामाकंन पत्र में दिये गये शपथ पत्र में उन्होंने खुद पर 12 मुकद्दमें होने की जानकारी दी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के संरक्षण के चलते ही गोपाल कांडा को अभी तक गिरफ्तार नही किया जा सका है। उन्होंने कहा कि गीतिका शर्मा आत्महत्या मामले के पांच दिन बीत जाने के बाद भी गोपाल कांडा की गिरफ्तारी इसी लिये नही की जा रहे ताकि वह बाहर रह कर गवाहों व पीडि़तों पर दबाब बना कर मामले को रफा-दफा कर सके। उन्होंने कहा कि यह मुख्यमंत्री द्वारा भ्रष्ट व चरित्रहीन मंत्रियों को संरक्षण देने का परिणाम है कि आज प्रदेश में महिलाओं की अस्मत सुरक्षित नही है। बेसहारा महिलाओं की सुरक्षा के लिए बनाये गये अपना घर जैसे नारी संरक्षण आश्रम यौन शौषण के अड्डे बन गये है। रोहतक स्थित अपना घर यौन शौषण कांड में मंत्रियों की सरपरस्ती का खुलासा होने के बाद सरकार को नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे देना था लेकिन प्रदेश का मुख्यमंत्री बड़ी निर्लज्जता के साथ लोगों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ कर कुर्सी से चिपका हुआ है। ऐसे में समय आ गया है कि सभी प्रदेश वासी एकजूट हो प्रदेश की अब तक की सबसे भ्रष्ट व चरित्रहीन सरकार को उखाड़ फेकने का काम करे।
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